एक बुद्धिमान मनुष्य पृथक पृथक तरीकों व नामों से विघ्नविनाशक, प्रथमपूज्यनीय भगवान् गणेश का पूजन व जप करता है। गणेश पूजन के कुछ महत्वपूर्ण मंत्र निम्नवत हैं -
गणेश गायत्री मंत्र -
ॐ महाकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।
गणेश पूजन करने व जप करने योग्य अन्य मंत्र -
१. ॐ गणाय नमः
२. ॐ गणपतये नमः
३. ॐ कूष्माण्डकाय नमः
४. ॐ गं गणपतये नमः
५. ॐ गः स्वाहा (प्रणव युक्त मूल मंत्र)
शिव - पार्वती पुत्र व गणो के अधिनायक प्रथमेश भगवान गणेश के बारह नाम इस प्रकार हैं -
गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बकः।नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्नराजकः।।
धूम्रवर्णो भालचन्द्रो दशमस्तु विनायकः।
गणपतिर्हस्तिमुखो द्वादशारे यजेड्गणम् ।।
विधि विधान व सच्चे मन से गणपति देव का स्मरण तथा उनकी पूजा करके व्रत, जप एवं हवन करने से विद्द्या एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है। खाण्ड के लड्डू व मोदक का प्रसाद भगवन गणेश को अत्यंत प्रिय हैं। भगवान् को उनका प्रिय भोग भेंट स्वरुप देने से मनुष्य की सभी कामनाएं पूर्ण होती हैं व सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
It is very rare to find so many names and mantra of Ganesh ji, credit goes to you to show them all at one place in your pious blog :)
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